
नई दिल्ली: देश पर अब निसर्ग तूफान का खतरा मंडरा रहा है। पश्चिम बंगाल और ओडिशा में हाल ही में आए चक्रवाती तूफान 'उम्पुन' के बाद देश में एक और चक्रवाती तूफान 'निसर्ग' चक्रवात दस्तक दे चुका है। यह तूफान देश के पश्चिमी छोर पर अरब सागर में बना है। भारतीय मौसम विभाग ने महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय इलाकों में चक्रवात के मद्देनजर रेड अलर्ट जारी किया है।
महाराष्ट्र और गुजरात
में निसर्ग चक्रवात को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। इन दोनों राज्यों
के कुछ हिस्सों में 3 जून यानि कल भारी बारिश की संभावना है। लिहाजा
मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समंदर किनारे नहीं जाने की सलाह दी गई है।
लो लाइन एरिया के लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुचानें के
आदेश भी दिए गए हैं। 3 तारीख को निसर्ग चक्रवात के 120 किलोमीटर की रफ्तार
से गुजरात में टकराने की संभावना है। इसको लेकर महाराष्ट्र और गुजरात
दोनों हाई-अलर्ट पर है।
भारतीय नौसेना, इंडियन कोस्ट गार्ड, मुंबई फायर ब्रिगेड सहित एनडीआरएफ
की टीमों को सतर्क और तैयार रहने को कहा गया है। केंद्र सरकार और राज्य
सरकार के दिए गए निर्देशों को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदारी मुंबई महानगर
पालिका ने संभाल ली है।निसर्ग तूफान को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहम बैठकें कीं। उन्होंने गुजरात के सीएम विजय रूपाणी और महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे के साथ भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग की। तूफान के खतरे को देखते हुए दोनों राज्यों में NDRF की 21 टीमें तैनात कर दी गई हैं। जबकि 10 टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। महाराष्ट्र में मुंबई, पालघर, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में NDRF की टीम तैनात की गई है। तूफान को लेकर राज्य सरकार के साथ ही बीएमसी, नेवी, तटरक्षक दल सभी अलर्ट पर हैं।
दरअसल अरब सागर के ऊपर बने कम दबाव के कारण चक्रवात शुरू होने वाला। यह चक्रवात पश्चिमी तटों से गुजरते हुए करीब सौ किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से गुजरात और महाराष्ट्र के तटों से कल टकराएगा। इसके चलते इन क्षेत्रों में तेज आंधी के साथ भारी बारिश होने की संभावना है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) की मानें तो मुताबिक गुजरात में सूरत के तट से करीब 920 किलोमीटर दूर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम दिशा में अरब सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र विक्षोभ में बदल गया है। इसके चक्रवात का रूप लेकर तीन जून की शाम तक उत्तरी महाराष्ट्र और दक्षिणी गुजरात के तटों से टकराने की संभावना है।